मकर संक्रांति (उत्तरायण) के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
संक्रांति भगवान सूर्य की पूजा, पवित्र नदी-सरोवर में स्नान और दान-पुण्य का पर्व तो है ही, साथ ही नई फसल की खुशी का भी पर्व है।
#HappyMakarSankran
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मकर संक्रांति (उत्तरायण) के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
संक्रांति भगवान सूर्य की पूजा, पवित्र नदी-सरोवर में स्नान और दान-पुण्य का पर्व तो है ही, साथ ही नई फसल की खुशी का भी पर्व है।
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Safalta Ki Kunji: सफलता नजदीक हो तो सावधान हो जाना चाहिए, इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
Motivational Thoughts in Hindi: चाणक्य नीति (Chanakya Niti) कहती है कि व्यक्ति जब सफलता के करीब हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. नहीं तो परिश्रम व्यर्थ हो जाता है.
Safalta Ki Kunji: सफलता नजदीक हो तो सावधान हो जाना चाहिए, इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
सफलता की कुंजी
Safalta Ki Kunji, Motivational Thoughts in Hindi: सफलता की कुंजी कहती है कि व्यक्ति को अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहना चाहिए. गंभीर होने पर ही लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिलती है. सफलता जब कुछ कदम की दूरी पर हो यानि, सफलता नजदीक हो तो व्यक्ति को बहुत ही सतर्क और सावधान हो जाना चाहिए. क्योंकि ये ऐसा पल होता है जब आपकी एक गलती पूरी मेहनत को नष्ट कर सकती है. इसलिए इस अवसर पर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए-
अनुशासन- सफलता की कुंजी कहती है कि अनुशासन के बिना सफलता प्राप्त करना मुश्किल होता है. अनुशासन की भावना से जब कोई कार्य किया जाता है तो सफलता की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है. अनुशासन कार्य को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रेरित करता है. अनुशासन कार्य की गुणवत्ता में भी वृद्धि करता है, जिस कारण आपका कार्य दूसरों से भिन्न दिखाई देता है, यही कुछ कारण हैं जो आपको दूसरों अलग करते हैं. सफलता नजदीक हो तो कठोर अनुशासन का पालन करना चाहिए.
समय प्रबंधन- सफलता की कुंजी कहती है कि सफलता नजदीक हो तो समय प्रबंधन का विशेष ध्यान देना चाहिए. जो लोग समय का महत्व नहीं समझते हैं उन्हें सफलता के लिए इंतजार करना पड़ता है. समय के साथ चलने वाले और समय को सही ढ़ग से उपयोग करने वाले सफलता प्राप्त करते हैं ऐसे लोग अपने लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त करते हैं. सफलता जब करीब हो तो एक एक पल कीमती हो जाता है, इस समय का सही प्रयोग करने के लिए योजना बनाकर कार्य करना चाहिए.
परिश्रम- सफलता की कुंजी कहती है कि परिश्रम से ही सफलता प्राप्त होती है. परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है. सफलता तभी संभव है जब व्यक्ति कठोर परिश्रम करता है. सफलता जब पास हो तो व्यक्ति को लापरवाही से बचना चाहिए. परिश्रम करते रहना चाहिए. गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं व्यक्ति को परिश्रम करते रहने चाहिए. जो परिश्रम से बचते हैं उन्हें आगे चलकर दुख और कष्ट मिलता है.
सबको पता है उसका ठिकाना घोसला ही होगा
परिंदा आसमा छूते छूते जब थक जायगा
चिंगारी दरकार नही मोहब्बत ए आतिश को
महज एक दीदार से ये शोला भड़क जायगा
बे-अदब है ये लोग नजरे नही झुकायेंगे
बदन से जो दुप्पटा सरक जायगा
किसी बेघर को घर मे पनाह देकर देखो
घर का कोना कोना महक जायगा
घर के छज्जे पर रख देना आब का प्याला
कोई प्यासा परिंदा चहक जायगा
गजलो में दर्द इतना लिखता है हिरू
एक दिन बादल भी रो कर बरस जायगा
गुरु केवल वह नहीं जो हमें कक्षा में पढ़ाते हैं बल्कि हर वो व्यक्ति जिससे हम सीखते हैं वह हमारा गुरु है...
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
👉गुरु गोविंद दाउ खड़े काके लागू पाए ...
👉मां- बाप की मूरत हैं गुरु, कलयुग में भगवान की सूरत हैं गुरु, ...
👉आपसे ही सीखा, आपसे ही जाना, ...
👉जीवन में जो राह दिखाए, ...
👉शिक्षा से बड़ा कोई वरदान नहीं है, ...
👉जीवन व्यक्ति को बहुत कुछ सिखाता है, ...
👉हर मुश्किल मे आपकी याद आती है,
अक्षर-अक्षर हमें सिखाते
शब्द-शब्द का अर्थ बताते,
कभी प्यार से कभी डांट से,
जीवन जीना हमें सिखाते!
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कम्यूनिकेशन करें बेहतर
आप अपने टारगेट को अचीव करना चाहते हैं, तो कम्यूनिकेशन स्किल को निखारने पर पूरा ध्यान दें। इस क्रम में यह जानना बेहद जरूरी है कि कम शब्दों में और स्पष्ट रूप से आपको कम्यूनिकेशन कैसे करना है। अगर आप अपनी टीम के साथ अपने वास्तविक विजन को कम्यूनिकेट नहीं कर सकते हैं, तो पूरी टीम टारगेट को अचीव करने की ओर कदम नहीं बढ़ा सकती है। इसलिए इस स्किल को डिवेलप करें।
स्वभाव में विनम्रता लाएं
महान लीडर्स की खासियत होती है कि वे विनम्र होते हैं। वे खुद की महिमा के लिए सफलता की तलाश नहीं करते हैं। वे सफलता का सही मलतब टीम और संगठन के सफल होने में ढूंढते हैं। वे सफलता का क्रेडिट सबको देते हैं, लेकिन असफलता के लिए खुद को दोषी समझते हैं। वे दिखने में शर्मीले हो सकते हैं, लेकिन जब फैसला लेने का समय आता है, तो वे शानदार परफॉर्मेंस देते हैं। वे अहंकार को विनाशकारी समझते हैं। सफलता की दूरी तय करने के लिए आपको विनम्र होना जरूरी होता है।
प्रशंसा करना सीखें
प्रशंसा ऐसी चीज है, जो सामने वाले को प्रोत्साहित तो करती है, साथ ही इससे मानवीय संबंधों को सही करने में भी सफलता मिलती है। एक लीडर के रूप में इस विशेषता का होना इसलिए भी जरूरी है,क्योंकि इसे देने और लेने वाले दोनों ही व्यक्तियों का आत्मसम्मान बढ़ता है। इससे वे एक दूसरे को सही तरीके से समझ पाते हैं और यह हर स्थिति में लाभदायक होता है। यह इसलिए भी शक्तिशाली औजार है, क्योंकि किसी की सराहना करना उन्हें थैंक्स बोलने से बड़ा होता है। हां, प्रशंसा करने वाले को इस बात की समझ होनी चाहिए कि किस बात पर प्रशंसा करनी है और किस पर नहीं।
जुनून के साथ काम करें
आप जुनून के साथ काम करने को तैयार रहें। आप जो भी करने जा रहे हैं, उसके बारे में किसी से डिस्कशन करने में न ही डरें, न ही संकोच करें। जब आप जुनून के साथा काम को अंजाम दे रहे होते हैं, तो सही मायने में आप काम से प्यार कर रहे होते हैं। इसके साथ ही अपने दिल और अंदर की आवाज को सुनें। ऐसा करते समय आप कॉन्फिडेंस दिखाएं। ऐसा करने के क्रम में सामने वाले को यह महसूस होना चाहिए कि यह आपकी आंतरिक विशेषता है। जिस काम को सभी कर रहे हैं, उसे न करें। जब आप अलग हटकर कुछ करते हैं, तो इसके लिए आपको खास कोशिश करनी होती है। करियर को सफल बनाने के लिए किसी खास रास्ते को न चुनें। रिस्क लें।
सुनने में हों माहिर
आप एक अच्छा लीडर बनना चाहते हैं, तो बात करना बंद कर दें। इसके साथ ही सुनना शुरू कर दें। विश्व भर के चुनिंदा लीडर्स इस विशेषता को खास मानते हैं और इसको अमल में लाते हैं। वे अपने चारों ओर घिरे लोगों को सुनने की कोशिश करते हैं। तेज संचार के माहौल में हर कोई जल्दी में कम्यूनिकेशन करता है। ऐसे में आप सुनने की कला से सामने वाले के मन में क्या चल रहा है।
इस शुरुआत के लिए हमें अपनी सोच व मान्यताओ (beliefs) को बदलना होगा, क्योंकि
“हमारे साथ वही होता है जो हम मानते है|”
Friends, वैज्ञानिकों के अनुसार भौंरे (Bumblebee) का शरीर बहुत भारी होता है, इसलिए विज्ञान के नियमो के अनुसार वह उड़ नहीं सकता| लेकिन भौंरे को इस बात का पता नहीं होता एंव वह यह मानता है की वह उड़ सकता है इसलिए वह उड़ पाता है|
सबसे पहले हमें इस गलत धारणा (Wrong Belief) को बदलना होगा कि हमारे साथ वही होता है जो भाग्य (Bhagya) में लिखा होता है| क्योंकि ऐसा होता तो आज हम ईश्वर (God) की पूजा न कर रहे होते बल्कि उन्हें बदुआएं दे रहे होते|
हमारे साथ जो कुछ भी होता है उसके जिम्मेदार हम स्वंय होते है (We are responsible for What we are) इसलिए खुश रहना या ना रहना हम पर ही निर्भर (depend) करता है|
“भगवान उसी की मदद करते है जो अपनी मदद खुद करता है”
अगर कोई व्यक्ति यह सोचता है की हमारे साथ जो कुछ भी होता है, वह हमारे हाथ में नहीं है तो वह व्यक्ति या तो इस गलत धारणा (Wrong Belief) को बदल दे या आगे इस लेख (Hindi Article) को न पढे|
जीवन के नियम :- Rules of life
हम एक नयी शुरुआत करने जा रहे है और इसके लिए हमें कुछ नियमो का पालन करना होगा| ये नियम आपकी जिंदगी बदल देंगे ( Rules That can Change Your Life in Hindi) :-
आत्मविश्वास (Self Confidence) :-
आत्मविश्वास से आशय “स्वंय पर विश्वास एंव नियंत्रण” (Believe in Yourself) से है | दोस्तों हमारे जीवन में आत्मविश्वास (Self Confidence) का होना उतना ही आवश्यक है जितना किसी फूल (Flower) में खुशबू (सुगंध) का होना, आत्मविश्वास (Self Confidence) के बगैर हमारी जिंदगी एक जिन्दा लाश के समान हो जाती है| कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रतिभाशाली क्यों न हो वह आत्मविश्वास के बिना कुछ नहीं कर सकता| आत्मविश्वास ही सफलता (Success) की नींव है, आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति अपने द्वारा किये गए कार्य पर संदेह करता है| आत्मविश्वास (Self Confidence) उसी व्यक्ति के पास होता है जो स्वंय से संतुष्ट होता है एंव जिसके पास दृड़ निश्चय, मेहनत (Hardwork) व लगन (Focused), साहस (Fearless ) , वचनबद्धता (Commitment) आदि संस्कारों की सम्पति होती है|
आत्मविश्वास कैसे बढाएं:- How To Improve Self Confidence In – Hindi
स्वंय पर विश्वास रखें (Believe in Yourself), लक्ष्य बनायें (make smart goals) एंव उन्हें पूरा करने के लिए वचनबद्ध रहें| जब आप अपने द्वारा बनाये गए लक्ष्य (Goals) को पूरा करते है तो यह आपके आत्मविश्वास (Self Confidence) को कई गुना बढ़ा देता है|
खुश रहें (Be Happy), खुद को प्रेरित करें (Motivate Yourself), असफलता (Failure) से दुखी न होकर उससे सीख लें क्योंकि “experience हमेशा bad experience से ही आता है”
सकारात्मक सोचें (Think Positive) , विनम्र रहें एंव दिन की शुरुआत किसी अच्छे कार्य से करें (starting the day with a positive attitude)|
इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं है – Nothing is Impossible in this world| आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुशमन किसी भी कार्य को करने में असफलता होने का “डर” (Fear of Failure) है एंव डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करें जिसमें आपको डर लगता है| – Darr ke aage jeet hai
सच बोलें, ईमानदार रहें, धूम्रपान न करें, प्रकृति से जुड़े, अच्छे (Good) कार्य करें , जरुरतमंद की मदद करें (Be Helpful)| क्योंकि ऐसे कार्य आपको सकारात्मक शक्ति (positive power) देते हैं वही दूसरी ओर गलत कार्य एंव बुरी आदतें (Bad Habits) हमारे आत्मविश्वास को गिरा देते हैं|
वह कार्य करें जिसमें आपकी रुचि हो एंव कोशिश करें कि अपने करियर (Career) को उसी दिशा में आगे ले जिसमें आपकी रुचि हो|
वर्तमान में जियें (Live in Present) , सकारात्मक सोचें (Think Positive), अच्छे मित्र बनायें, बच्चों से दोस्तीं करें, आत्मचिंतन करें|
स्वतंत्रता (Independence):-
स्वतंत्रता का अर्थ स्वतन्त्र सोच एंव आत्मनिर्भरता से हैं|
“हमारी खुशियों का सबसे बड़ा दुश्मन निर्भरता (Dependency) ही है एंव वर्तमान में खुशियाँ कम होने का कारण निर्भरता का बढ़ना ही है”
“सबसे बड़ा यही रोग क्या कहेंगे लोग (Sabse bada rog kya kahenge log)”:- ज्यादातर लोग कोई भी कार्य करने से पहले कई बार यह सोचते है की वह कार्य करने से लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे और इसलिए वे कोई निर्णय ले ही नहीं पाते एंव सोचते ही रह जाते है एंव समय उनके हाथ से पानी की तरह निकल जाता है| ऐसे लोग बाद में पछताते हैं| इसलिए दोस्तों ज्यादा मत सोचिये जो आपको सही लगे वह कीजिये क्योंकि शायद ही कोई ऐसा कार्य होगा जो सभी लोगों को एक साथ पसंद आये|
अपनी ख़ुशी को खुद नियंत्रण (control) कीजिये:- वर्तमान में ज्यादातर लोगों की खुशियाँ (Happiness) परिस्थितियों पर निर्भर हैं| ऐसे लोग अनुकूल परिस्थिति में खुश (Happy) एंव प्रतिकूल परिस्थियों में दुखी (Sad) हो जाते है| उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का कोई काम बन जाता है तो वह खुश (Happy) एंव काम न बनने पर वह दुखी हो जाता है| दोस्तों हर परिस्थिति में खुश रहें क्योंकि प्रयास करना हमारे हाथ में है लेकिन परिणाम अथवा परिस्थिति हमारे हाथ में नहीं है| परिस्थिति अनुकूल या प्रतिकूल कैसी भी हो सकती है लेकिन उसका response अच्छा ही होना चाहिए क्योंकि response करना हमारे हाथ में है|
आत्मनिर्भर बनें:- दोस्तों निर्भरता ही खुशियों की दुशमन है इसलिए जहाँ तक हो सके दूसरों से अपेक्षाओं कम करें, अपना कार्य स्वंय करें एंव स्वालंबन अपनाएं दूसरों के कर्मों या विचारों से दुखी नहीं होना चाहिए क्योंकि दूसरों के विचार या कर्म हमारे नियंत्रण में नहीं है|
“अगर आप उस बातों या परिस्थियों की वजह से दुखी हो जाते है जो आपके नियंत्रण में नहीं है तो इसका परिणाम समय की बर्बादी व भविष्य पछतावा है”
वर्तमान में जिएं (Live in Present):-
दोस्तों हमें दिन में 70,000 से 90000 विचार (thoughts) आते है और हमारी सफलता एंव असफलता इसी विचारों की quality (गुणवता) पर निर्भर करती हैं| वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादातर लोगों का 70% से 90% तक समय भूतकाल, भविष्यकाल एंव व्यर्थ की बातें सोचने में चला जाता है| भूतकाल हमें अनुभव देता है एंव भविष्यकाल के लिए हमें planning (योजना) करनी होती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम अपना सारा समय इसी में खर्च कर दें| दोस्तों हमें वर्तमान में ही रहना चाहिए और इसे best बनाना चाहिए क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है|
“अगर खुश रहना है एंव सफल होना है तो उस बारे में सोचना बंद कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो”
मेहनत एंव लगन (Hard work and Focus):-
दोस्तों किसी विद्वान् ने कहा है की कामयाबी, मेहनत से पहले केवल शब्दकोष में ही मिल सकती है| मेहनत (Hard Work) का अर्थ केवल शारीरिक काम से नहीं है, मेहनत शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार से हो सकती है| अनुभव यह कहता है की मानसिक मेहनत, शारीरिक मेहनत से ज्यादा मूल्यवान होती है|
कुछ लोग लक्ष्य (Target) तो बहुत बड़ा बना देते है लेकिन मेहनत नहीं करते और फिर अपने अपने लक्ष्य को बदलते रहते है| ऐसे लोग केवल योजना(planning) बनाते रह जाते है|
मेहनत व लगन से बड़े से बड़ा मुश्किल कार्य आसान हो जाता है| अगर लक्ष्य को प्राप्त करना है तो बीच में आने वाली बाधाओं को पार करना होगा, मेहनत करनी होगी, बार बार दृढ़ निश्चय से कोशिश करनी होगी|
“असफल लोगों के पास बचने का एकमात्र साधन यह होता है कि वे मुसीबत आने पर अपने लक्ष्य को बदल देते है|”
कुछ लोग ऐसे होते है जो मेहनत तो करते है लेकिन एक बार विफल होने पर निराश होकर कार्य को बीच में ही छोड़ देते है इसलिए मेहनत के साथ साथ लगन व दृढ़ निश्चय (Commitment) का होना भी अति आवश्यक है|
“अगर कोई व्यक्ति बार बार उस कार्य को करने पर भी सफल नहीं हो पा रहा तो इसका मतलब उसका कार्य करने का तरीका गलत है एंव उसे मानसिक मेहनत करने की आवश्यकता है|”
व्यवहारकुशलता:-
व्यवहारकुशल व्यक्ति जहाँ भी जाए वह वहां के वातावरण को खुशियों से भर देता है ऐसे लोगों को समाज सम्मान की दृष्टी से देखा जाता है| ऐसे लोग नम्रता व मुस्कराहट (Smile) के साथ व्यवहार करते है एंव हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते है| शिष्टाचार ही सबसे उत्तम सुन्दरता है जिसके बिना व्यक्ति केवल स्वयं तक सीमित हो जाता है एंव समाज उसे “स्वार्थी” नाम का अवार्ड देता है|
“जब आपके मित्रों की संख्या बढने लगे तो यह समझ लीजिये कि आप ने व्यवहारकुशलता का जादू सीख लिया है|”
शिष्टाचारी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र भी जाए वहा उनके मित्र बन जाते है जो उसके लिए जरुरत पड़ने पर मर मिटने के लिए तैयार रहते है|
चरित्र व्यवहारकुशलता की नींव है एंव चरित्रहीन व्यक्ति कभी भी शिष्टाचारी नहीं बन सकता| चरित्र, व्यक्ति की परछाई होती है एंव समाज में व्यक्ति को चहरे से नहीं बल्कि चरित्र से पहचाना जाता है| चरित्र का निर्माण नैतिक मूल्यों, संस्कारों, शिक्षा एंव आदतों से होता है|
व्यवहारकुशल व्यक्तियों की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है की वह हमेशा मदद के लिए तैयार रहते है|
वर्तालाप दक्षता, व्यवहारकुशलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है| वाणी में वह शक्ति है जो वातावरण में मिठास घोल कर उसे खुशियों से भर सकती है या उसमे चिंगारी लगा कर आग भड़का सकती है|
“words can change the world” (शब्द संसार बदल सकते है|)
सोच समझ कर बोलना, कम शब्दों में ज्यादा बात कहना, व्यर्थ की बातें न करना, अच्छाई खोजना, तारीफ़ करना, दुसरे की बात को सुनना एंव महत्त्व देना, विनम्र रहना, गलतियाँ स्वीकारना इत्यादि वार्तालाप के कुछ basic नियम है|
इन पांच नियमों में इतनी शक्ति है कि ये आपकी लाइफ बदल देंगे (change your Life) और आपके सपनों को हकीकत में बदलने की शक्ति जगाएंगे| अंत में एक ही बात
“जरूरतमंद की मदद कीजिये क्योंकि क्या पता कल आपको किसी की मदद की जरुरत हो”
कभी दुख का अनुभव किया, कभी सुख का अनुभव किया, इन्हीं से जिंदा हूं मैं, ये मैंने अनुभव किया।