शुक्रवार, 9 दिसंबर 2022

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं।

 🌹*मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं।*🌹 ==================== 

 1. *कामना* - यदि मृत्यु के समय हमारे मन में किसी वस्तु विशेष के प्रति कोई आसक्ति शेष रह जाती है, कोई इच्छा अधूरी रह जाती है, कोई अपूर्ण कामना रह जाती है , तो मरणोपरांत भी वहीं कामना उस जीवात्मा के साथ जाती है। ==================== 

2. *वासना* - वासना कामना की ही साथी है। वासना का अर्थ शारीरिक भोग से नही , अपितु इस संसार में भोगे हुए हर उस सुख से है , जो उस जीवात्मा को आनन्दित करता है। फिर वो घर हो , पैसा हो , गाड़ी हो, रूतबा हो, या शौर्य। मृत्यु के बाद भी ये अधूरी वासनाएं मनुष्य के साथ ही जाती हैं और मोक्ष प्राप्ति में बाधक होती है। ==================== 3.*कर्म* - मृत्यु के बाद हमारे द्वारा किये गए कर्म चाहे वो सुकर्म हो अथवा कुकर्म हमारे साथ ही जाता है। मरणोपरांत जीवात्मा अपने द्वारा किये गए कर्मो की पूँजी भी साथ ले जाता है। जिस के हिसाब किताब द्वारा उस जीवात्मा का यानी हमारा अगला जन्म निर्धारित किया जाता है। ====================

 4. *कर्ज़* - यदि मनुष्य ने आपने जीवन में कभी भी किसी प्रकार का ऋण लिया हो तो उस ऋण को यथासम्भव उतार देना चाहिए , ताकि मरणोपरांत इस लोक से उस ऋण को उसलोक में अपने साथ न ले जाना पड़े। ==================== 

5. *पूण्य* - हमारे द्वारा किये गए दान-दक्षिणा व परमार्थ के कार्य ही हमारे पुण्यों की पूंजी होती है। इसलिए हमें समय-समय पर अपने सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा एवं परमार्थ और परोपकार आवश्य ही करने चाहिए। 🌹 🌹

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EXPERIENCE QUITE

कभी दुख का अनुभव किया, कभी सुख का अनुभव किया, इन्हीं से जिंदा हूं मैं, ये मैंने अनुभव किया।